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श्री कृष्ण

श्री कृष्ण: बुधवार की पूजा

मुरलीधर, माखनचोर, गीता के उपदेशक

स्वामी ग्रहबुध
शुभ रंगहरा / मोरपंखी
भोग / चढ़ावामाखन-मिश्री, तुलसी दल, पीले फूल
मंत्रॐ कृष्णाय नमः

बुधवार को ही क्यों?

बुधवार का स्वामी ग्रह बुध है, जो बुद्धि और वाणी का कारक माना जाता है। श्री कृष्ण की गीता विवेक और बुद्धि का ग्रंथ है, इसलिए इस दिन उनके स्मरण और गीता-पाठ को शुभ माना जाता है। कई घरों में इस दिन गणेश जी की भी पूजा होती है।

इस दिन क्या करें

इस दिन क्या न करें

🚫 पैसे उधार न दें और न लें
यह लोक-मान्यता पर आधारित है।

श्री कृष्ण कौन हैं?

श्री कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं। मथुरा में जन्म, गोकुल-वृंदावन में बचपन, द्वारका में राज और कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश, उनके जीवन के प्रमुख पड़ाव हैं। भक्त उन्हें माखनचोर, मुरलीधर, गोपाल और मोहन जैसे प्यारे नामों से पुकारते हैं।

मोरपंख वाला मुकुट, हाथ में बांसुरी और पीतांबर उनकी पहचान हैं।

पौराणिक कथाएं

श्रीमद्भागवत और महाभारत में कृष्ण की कई कथाएं हैं: कंस का अंत, कालिया नाग का मर्दन, गोवर्धन पर्वत को उंगली पर उठाना, सुदामा से मित्रता और द्रौपदी की लाज बचाना। इनमें मित्रता, प्रेम और धर्म का संदेश छिपा है।

भगवद्गीता में 18 अध्याय और लगभग 700 श्लोक हैं। इसमें कर्म करते रहने, फल की चिंता छोड़ने और मन को स्थिर रखने की सीख दी गई है। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को जन्माष्टमी मनाई जाती है।

बुधवार से संबंध

बुधवार का स्वामी ग्रह बुध है, जो बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक माना जाता है। इस साइट में बुधवार के देव श्री कृष्ण हैं, जिनकी गीता बुद्धि और विवेक का ग्रंथ है। परंपरा में कई जगह बुधवार को गणेश जी की पूजा भी की जाती है और नया काम शुरू करने से पहले गणपति स्मरण शुभ माना जाता है।

पूजा की सरल विधि

  1. सुबह स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनें। हरे या पीले वस्त्र शुभ माने जाते हैं।
  2. कृष्ण जी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं।
  3. तुलसी दल, पीले फूल और माखन-मिश्री का भोग लगाएं।
  4. बांसुरी या मोरपंख पास रखना शुभ माना जाता है।
  5. मंत्र जाप करें और गीता का एक श्लोक पढ़कर उसका अर्थ समझने की कोशिश करें।

मंत्र और जाप

क्या करें, क्या न करें

दान

बुधवार को हरी मूंग, हरी सब्ज़ी, हरे वस्त्र, किताबें या गौ-सेवा के लिए दान शुभ माना गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गीता कहां से शुरू करें? कई लोग दूसरे अध्याय से शुरू करते हैं, जहां कर्म और स्थिर बुद्धि की बात है।

तुलसी क्यों चढ़ाते हैं? विष्णु और कृष्ण की पूजा में तुलसी को सबसे प्रिय माना गया है।

अन्य दिनों के देव

रविवार · सूर्य देवसोमवार · भगवान शिवमंगलवार · हनुमान जीगुरुवार · बृहस्पति देवशुक्रवार · माँ लक्ष्मीशनिवार · शनि देव

राशियां

मेषवृषभमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुंभमीन

यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपरा पर आधारित है।