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हनुमान जी

हनुमान जी: मंगलवार की पूजा

संकटमोचन, बजरंगबली

स्वामी ग्रहमंगल
शुभ रंगलाल / सिंदूरी
भोग / चढ़ावासिंदूर, चोला, बूंदी या बेसन के लड्डू
मंत्रॐ हं हनुमते नमः

मंगलवार को ही क्यों?

मंगलवार का स्वामी ग्रह मंगल है, जो साहस और शक्ति का कारक माना जाता है। हनुमान जी बल और साहस के प्रतीक हैं, इसलिए मंगलवार उनकी पूजा का विशेष दिन माना जाता है।

इस दिन क्या करें

इस दिन क्या न करें

🚫 कानूनी झगड़ों या विवादों में न पड़ें
यह लोक-मान्यता पर आधारित है।

हनुमान जी कौन हैं?

हनुमान जी बल, भक्ति, साहस और सेवा के प्रतीक हैं। उन्हें संकटमोचन, बजरंगबली, पवनपुत्र और अंजनीनंदन भी कहा जाता है। रामायण में वे श्रीराम के परम भक्त और लंका में सीता माता का पता लगाने वाले वीर के रूप में प्रसिद्ध हैं।

मान्यता है कि हनुमान जी चिरंजीवी हैं और जहां राम नाम का कीर्तन होता है, वहां उनकी उपस्थिति मानी जाती है।

पौराणिक मान्यताएं

कथा है कि बचपन में हनुमान जी ने उगते सूर्य को फल समझकर उसे पकड़ने के लिए छलांग लगाई थी। संजीवनी बूटी के लिए पूरा द्रोणागिरि पर्वत उठा लाने और समुद्र पार कर लंका पहुंचने की कथाएं सबसे ज़्यादा सुनाई जाती हैं।

एक लोकप्रिय कथा के अनुसार सीता माता को सिंदूर लगाते देख हनुमान जी ने इसका कारण पूछा। उन्होंने बताया कि इससे श्रीराम की आयु बढ़ती है। तब हनुमान जी ने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया। इसी कारण उन्हें सिंदूर चढ़ाया जाता है। हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है।

मंगलवार से संबंध

मंगलवार का स्वामी ग्रह मंगल है, जिसे साहस, ऊर्जा और पराक्रम का कारक माना जाता है। हनुमान जी इन्हीं गुणों के प्रतीक हैं, इसलिए मंगलवार को उनकी पूजा की परंपरा है। कई जगह शनिवार को भी हनुमान जी की विशेष पूजा होती है।

पूजा की सरल विधि

  1. सुबह स्नान करके लाल या सिंदूरी वस्त्र पहनें।
  2. हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं। चमेली के तेल का दीपक शुभ माना जाता है।
  3. सिंदूर और चमेली का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं, लाल फूल अर्पित करें।
  4. बूंदी, बेसन के लड्डू या गुड़-चने का भोग लगाएं।
  5. हनुमान चालीसा का पाठ करें और अंत में प्रसाद बांटें।

मंत्र और पाठ

मंगलवार का व्रत

मंगलवार का व्रत दिन में एक बार भोजन करके रखा जाता है। परंपरा में भोजन में नमक नहीं लिया जाता और शाम को हनुमान जी की पूजा के बाद भोजन किया जाता है। व्रत से जुड़े सारे नियम अपनी सेहत और सुविधा के हिसाब से ही अपनाएं।

क्या करें, क्या न करें

दान

मंगलवार को लाल मसूर, गुड़, लाल वस्त्र या भोजन का दान करना शुभ माना जाता है। बंदरों को चने-गुड़ खिलाने की भी परंपरा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

हनुमान चालीसा कब पढ़ें? कोई भी शुभ समय चलेगा, पर सुबह स्नान के बाद या शाम की आरती के समय पाठ करने की परंपरा है।

क्या हर कोई हनुमान जी की पूजा कर सकता है? हां, श्रद्धा से कोई भी उनका स्मरण और पाठ कर सकता है।

अन्य दिनों के देव

रविवार · सूर्य देवसोमवार · भगवान शिवबुधवार · श्री कृष्णगुरुवार · बृहस्पति देवशुक्रवार · माँ लक्ष्मीशनिवार · शनि देव

राशियां

मेषवृषभमिथुनकर्कसिंहकन्यातुलावृश्चिकधनुमकरकुंभमीन

यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपरा पर आधारित है।